सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र खड़गवां (सूरजपुर): मानव-हाथी सह-अस्तित्व, ग्रामीणों की सुरक्षा और हाथियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वनमंडल सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खड़गवां में “मोर हाथी मोर मितान” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शकुंतला पोर्ते ने मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने में जनभागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे हाथियों की मौजूदगी की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें, उनके पास जाने या उन्हें छेड़ने से बचें और जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। कार्यक्रम के दौरान विधायक ने ग्रामीणों को सुरक्षा के लिहाज से टॉर्च का वितरण भी किया। एसडीओ संस्कृति बारले ने दिए सुरक्षा के जरूरी उपाय व सुझाव कार्यक्रम के दौरान उप वनमंडलाधिकारी संस्कृति बारले ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव व सावधानियां साझा कीं। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा: सुरक्षित दूरी बनाए रखें: हाथियों का झुंड या अकेला हाथी दिखने पर कौतूहलवश उनके पास न जाएं और न ही उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश करें। समय पर सूचना दें: गांव या आसपास हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही तुरंत वन विभाग के बीट गार्ड, हाथी मित्र या अधिकारियों को सूचित करें। महुआ और शराब के भंडारण से बचें: हाथियों को महुआ और देशी शराब की गंध आकर्षित करती है, इसलिए कच्ची शराब बनाने या घर में महुआ का असुरक्षित भंडारण करने से बचें। रात के समय सतर्कता: शाम ढलने के बाद जंगल की तरफ अकेले जाने से बचें और आवागमन के दौरान टॉर्च व रोशनी का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। हाथी विशेषज्ञों ने दिए सुरक्षा टिप्स कार्यक्रम में मौजूद वन विभाग के हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे और अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में बरती जाने वाली सावधानियों और सूचना तंत्र की बारीकियों से अवगत कराया। ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे हाथियों के प्राकृतिक आवागमन मार्गों का सम्मान करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। सुरक्षा का लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों, वन कर्मियों, हाथी मित्रों और स्थानीय ग्रामीणों ने हाथी संरक्षण व सुरक्षित सह-अस्तित्व का संकल्प लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में संवेदनशील गांवों में चौपाल का आयोजन कर सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा। Post navigation पति की प्रताड़ना और अवैध संबंधों का खौफनाक अंत: 25 वर्षीय गर्भवती की मौत से संजय नगर में सनसनी