सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र खरसिया : खरसिया क्षेत्र में एक महिला पत्रकार के घर में घुसकर मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने भाजपा की जिला मंत्री गायत्री केशरवानी समेत करीब 10 लोगों पर घर में घुसकर हमला करने, अभ्रदता करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पत्रकार परिवार में भारी दहशत का माहौल है। WhatsApp पर गलती से गए मैसेज से शुरू हुआ विवाद महिला पत्रकार पूजा जायसवाल के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत एक निजी WhatsApp मैसेज और एक खबर के आदान-प्रदान से हुई। उन्होंने बताया कि एक सम्मान समारोह से जुड़ी खबर में भाजपा नेत्री गायत्री केशरवानी का नाम और फोटो देखकर उन्होंने वह खबर उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को भेजी थी। इसी दौरान, किसी अन्य व्यक्ति से चल रही उनकी निजी बातचीत का एक अन्य मैसेज गलती से गायत्री केशरवानी के पास चला गया। पूजा जायसवाल का कहना है कि जैसे ही उन्हें अपनी इस गलती का अहसास हुआ, उन्होंने तुरंत सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि वह मैसेज उनके लिए नहीं था। उन्होंने अपनी भूल स्वीकार करते हुए माफी भी मांग ली थी, लेकिन इसके बावजूद मामला तूल पकड़ता चला गया। घर में घुसकर मारपीट और बच्चों के सामने प्रताड़ना का आरोप पीड़िता का आरोप है कि गलती स्वीकार करने के बाद भी उन्हें फोन पर लगातार धमकियां दी गईं और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। बात तब और बढ़ गई जब रात करीब 8 बजे लगभग 10 लोग उनके घर में जबरन घुस आए। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ हाथों और लातों से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए उनके वृद्ध माता-पिता को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ भी मारपीट की गई। यह पूरी घटना घर में मौजूद छोटे बच्चों के सामने हुई, जिससे वे बुरी तरह सहम गए हैं। पीड़िता के पास इस पूरी घटना के CCTV फुटेज भी मौजूद होने का दावा किया गया है। खबरों के प्रकाशन को लेकर भी था मनमुटाव पीड़िता ने यह भी बताया कि पत्रकारिता के नियमों के तहत हर कार्यक्रम या गतिविधि की खबर प्रकाशित करना अनिवार्य नहीं होता, बल्कि यह उसकी न्यूजरीडिंग, जनहित और महत्ता पर निर्भर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी खबरें प्रकाशित न करने को लेकर भी एक वर्ग में नाराजगी थी। पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद पूजा जायसवाल ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई राजनीतिक दुश्मनी नहीं है, उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की आधिकारिक जांच और दूसरे पक्ष का बयान सामने आना बाकी है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। Post navigation नाम भगवान का काम शैतान का, मृतक आशुतोष दास को आज मिला न्याय, महावीर हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित