पुरानी फाइलों पर सिर्फ ‘चूना’ पोतकर नए वृक्षारोपण का खेल, मस्टर रोल में फर्जी मजदूरों का मायाजाल। चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी के इशारे पर चल रहा है जिले भर में संगठित भ्रष्टाचार का साम्राज्य, आखिर किसका वरदहस्त है प्राप्त? ग्रामीणों ने कलेक्टर से की लिखित शिकायत; सिरसी, बैजनाथपुर-ल और ऊंचडीह में एक ही ‘पैटर्न’ पर लूट जारी।सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर छत्तीसगढ़:कहते हैं कि ‘सरकारी पैसा पानी की तरह बहता है’, लेकिन सूरजपुर जिले के रेशम विभाग में यह पैसा पानी की तरह नहीं, बल्कि ‘चूने’ की तरह बहाया जा रहा है! जी हां, विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर भ्रष्टाचार की एक ऐसी ‘रेशमी चादर’ बुनी है, जिसके नीचे जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी खजाने को बेरहमी से लूटा जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले पर पहले भी कई बार आवाज उठाई जा चुकी है, खबरें छप चुकी हैं, लेकिन जिला प्रशासन की ‘रहस्यमयी खामोशी’ और उदासीनता कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों की ओर से कलेक्टर सूरजपुर को सौंपे गए लिखित शिकायत पत्र ने अब इस पूरे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। लूट का अनोखा ‘पैटर्न’: पुराने पेड़ों पर चूना लगाओ, नया बजट जेब में पाओ!शिकायत के अनुसार, रेशम विभाग में नए पौधे रोपने के नाम पर कागजों में तो लाखों रुपये का आहरण कर लिया गया, लेकिन धरातल की हकीकत बेहद शर्मनाक है। मौके पर कोई नया पौधा नहीं लगाया गया, बल्कि पहले से मौजूद पुराने पेड़ों के तनों पर सफेद चूना (चूना पोताई) लगाकर उन्हें ‘नया कार्य’ दिखा दिया गया और बजट को डकार लिया गया। फर्जी हाजिरी (मस्टर रोल) का ‘घिनौना’ खेलभ्रष्टाचार की हदें यहीं पार नहीं होतीं। जिन मजदूरों ने कभी कार्यस्थल (साइट) का मुंह तक नहीं देखा, उनके नाम कागजों पर चढ़ाकर उनकी फर्जी हाजिरी भरी जा रही है। फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सीधे सरकारी राशि का गबन किया जा रहा है। अवैध ‘चिट्टे’ चौकीदारों की फौज; जो दबाते हैं राज!इस पूरे काले धंधे को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभाग ने बिना किसी वैध शासकीय प्रक्रिया या प्रशासनिक मंजूरी के मनमाने ढंग से निजी तौर पर चौकीदारों की नियुक्तियां कर रखी हैं। इन अवैध चौकीदारों का काम सुरक्षा करना नहीं, बल्कि बैठकर फर्जी हाजिरी भरना और भ्रष्टाचार के इस गंदे खेल पर पर्दा डालना है। एक ही ‘पैटर्न’ पर तीन बड़े क्षेत्रों में डाका!भ्रष्टाचार का यह दीमक केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। शिकायतकर्ता मुकेश कुमार गुप्ता (ग्राम सिरसी) द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, यह सुनियोजित घोटाला मुख्य रूप से इन तीन क्षेत्रों में समानांतर रूप से चल रहा है: ग्राम सिरसी (सूरजपुर) ग्राम पंचायत बैजनाथपुर-ल (जनपद पंचायत भैयाथान) ग्राम पंचायत ऊंचडीह (जनपद पंचायत सूरजपुर) चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी का ‘रसूख’, हिला कर रख दी शासन की छवि!सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि इस पूरे सिंडिकेट को कथित रूप से विभाग का एक चतुर्थ वर्ग का कर्मचारी तिलक श्रीवास्तव अपने इशारे पर चला रहा है। सवाल उठता है कि आखिर एक छोटे स्तर के कर्मचारी में इतना प्रशासनिक हौसला और रसूख कहां से आया कि वह बिना किसी डर के पूरे जिले में इस नेटवर्क को संचालित कर रहा है? क्या इसके पीछे विभाग के बड़े अफसरों और सफेदपोशों की मूक सहमति है? अब आर-पार के मूड में ग्रामीण; जांच और रिकवरी की मांगग्रामीणों ने इस बार मामले को सीधे कलेक्टर की चौखट पर लाकर खड़ा कर दिया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि: एक विशेष उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर मौके पर (सिरसी, बैजनाथपुर-ल, ऊंचडीह) जाकर वास्तविक भौतिक सत्यापन कराया जाए। फर्जी मस्टर रोल और बैंक आहरणों की बारीकी से जांच की जाए। अवैध रूप से रखे गए चौकीदारों के बयान दर्ज हों। आरोपी तिलक श्रीवास्तव समेत संलिप्त अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय व कानूनी कार्रवाई करते हुए सरकारी राशि की वसूली की जाए। हमारा तीखा सवाल:जब बार-बार यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आया, तो प्रशासन ने अब तक इस पर कोई कड़ा एक्शन क्यों नहीं लिया? क्या सूरजपुर प्रशासन ऐसे भ्रष्ट तत्वों को खुली छूट देकर शासन की छवि धूमिल होने देना चाहता है? क्या कलेक्टर महोदय इस लिखित शिकायत के बाद इस गंभीर रेशम घोटाले पर कोई कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेंगे? Post navigation सूरजपुर: स्कूल में शराब पीकर हंगामा करने वाला प्रधान पाठक निलंबित, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो