तीन माह बाद भी मुख्यमंत्री की घोषणा का क्रियान्वयन लंबित

33 दिनों की हड़ताल अवधि के वेतन को लेकर NHM कर्मचारियों ने उठाए सवाल

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के तीन माह बाद भी भुगतान न होने पर कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। गत 13 जून को रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस सार्वजनिक घोषणा के क्रियान्वयन में हो रही देरी को लेकर अब कर्मचारी संघ ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि घोषणा के इतने समय बाद भी फाइल किस स्तर पर लंबित है और आदेश जारी होने में क्या अड़चनें आ रही हैं, इसकी स्थिति शासन को स्पष्ट करनी चाहिए। संघ ने मांग की है कि भुगतान की एक निश्चित समय-सीमा तय कर जल्द से जल्द आधिकारिक आदेश जारी किए जाएं।
प्रशासनिक स्तर पर देरी से बढ़ी चिंता
छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ के अनुसार, प्रदेश के ग्रामीण, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारी इस आदेश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। संघ ने शासन से मांग की है कि प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
स्थिति स्पष्ट करे शासन: पुरन दास
छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पुरन दास ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अब इसके त्वरित क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि यदि प्रशासनिक स्तर पर कोई अड़चन है, तो उसकी जानकारी कर्मचारियों को दी जाए और भुगतान की तिथि घोषित की जाए।
अन्य मांगों पर भी शीघ्र पहल की उम्मीद
सूरजपुर जिले के NHM कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष बृजलाल पटेल ने कहा कि घोषणा का धरातल पर क्रियान्वयन होने से कर्मचारियों का शासन पर विश्वास और सुदृढ़ होगा। संघ ने हड़ताल अवधि के वेतन के साथ-साथ कर्मचारियों से जुड़ी अन्य लंबित मांगों पर भी शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है।