आखिर कब मिलेगा पीड़ित पक्ष को न्याय सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर, संजयनगर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाली और कानून की आंखों में धूल झोंकने की साजिश से भरी घटना सामने आई है। ग्राम संजयनगर में 9 माह की गर्भवती महिला निकीता बाईन और उसके पेट में पल रहे मासूम बच्चे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतिका के मायके पक्ष ने सीधा और कड़ा आरोप लगाया है कि 3 लाख रुपये के दहेज के लिए पति आकाश बाईन और उसके परिवार ने निकीता की बेदर्दी से हत्या कर इसे आत्महत्या का ड्रामा बनाने की कोशिश की है। पति की थ्योरी या गढ़ी हुई कहानी? उठ रहे 3 तीखे सवाल घटना के बाद आरोपी पति आकाश बाईन ने जो बयान दिया है, वह न केवल गले से नीचे नहीं उतरता बल्कि उसकी नीयत और करतूतों पर गहरे सवाल खड़े करता है: ‘एक हाथ से फंदा खोला’ का हास्यास्पद दावा: पति का दावा है कि उसने फांसी पर झूलती 9 माह की गर्भवती पत्नी को एक हाथ से संभाला और दूसरे हाथ से फंदा खोल दिया। विज्ञान और सामान्य व्यावहारिक समझ के आधार पर यह सरासर नामुमकिन लगता है। क्या एक अकेला शख्स इतने वजन को एक हाथ से उठाकर दूसरे हाथ से गांठ खोल सकता है, या यह मर्डर के बाद बनाई गई कोई झूठी कहानी है? पड़ोसियों को क्यों नहीं पुकारा? अगर पति की नीयत साफ थी और पत्नी तड़प रही थी, तो उसने चीख-पुकार मचाकर आसपास के लोगों को मदद के लिए क्यों नहीं बुलाया? अकेले ही सब निपटाने की यह हड़बड़ी किस बात का सबूत है? जांघ और सीने पर चोट के निशान: मृतिका के जांघ और सीने पर मारपीट के साफ निशान मौजूद हैं, जबकि गले पर फांसी का स्वाभाविक निशान तक नहीं दिखा। क्या यह सबूत नहीं कि मौत फंदे से नहीं, बल्कि बर्बरता से की गई मारपीट का नतीजा है? मौत से 1 घंटे पहले सजा रही थी बच्चे के कपड़े, फिर अचानक आत्महत्या कैसे? मृत्यु से ठीक एक घंटे पहले निकीता बिल्कुल सामान्य थी। उसने स्नान कर पूजा के लिए फूल तोड़े थे और चंद दिनों में दुनिया में आने वाले अपने बच्चे के स्वागत के लिए पुराने कपड़े सहेज रही थी। जो माँ अपनी गोद भराई और बच्चे की किलकारियों का इंतजार कर रही थी, वह अचानक आत्महत्या जैसा कदम कैसे उठा सकती है? 3 लाख रुपये की भूख, अवैध संबंध और पंचायत का ड्रामा विवाह के बाद से ही आरोपी पति 3,00,000 रुपये नकद दहेज की मांग को लेकर निकीता से बर्बरता करता आ रहा था। अवैध संबंधों का खुलासा: गांव की पंचायत में निकीता ने सरेआम बेनकाब किया था कि पति का अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध है और दहेज न मिलने पर वह उसे ढोर-डांगर की तरह पीटता है। झूठी माफी का ढोंग: उस समय पंचायत के सामने गिड़गिड़ाकर माफी मांगने वाले पति ने अपनी आदत नहीं बदली और प्रताड़ना का यह खूनी सिलसिला अंततः दो जिंदगियों के खात्मे पर जाकर रुका। परिजनों की हुंकार: ‘कब्र से निकाला जाए शव, हो री-पोस्टमार्टम’ परिजनों का स्पष्ट कहना है कि पुलिस इसे केवल एक साधारण संदिग्ध मौत मानकर लीपापोती न करे। यह एक असहाय महिला और एक अजन्मे मासूम की निर्मम दोहरी हत्या है। पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि: निष्पक्षता के लिए शव को कब्र से निकालकर विशेषज्ञ डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा पुनः पोस्टमार्टम कराया जाए। आरोपी पति आकाश बाईन और प्रताड़ित करने वाले ससुराल वालों पर दहेज हत्या और हत्या की संगीन धाराओं के तहत तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। Post navigation तहसील साहू संघ की बैठक: समाज की एकता और मंगल भवन निर्माण पर हुआ गहन मंथन