सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र अम्बिकापुर शासन ने लोगों के कौशल और क्षमता को बढ़ाने के लिए कौशल विकास योजना की शुरुआत की थी जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और कम प्रशिक्षित लोगों को प्रशिक्षित कर उन्हे रोजगार और स्वरोजगार देना था लेकिन इस योजना में पानी तब फिरने लगा जब कुछ निकृष्ठ मानसिकता के लोग जिनको अपनी लालच पर नियंत्रण नही रहा और वो अपने 4 चोरों की टीम बनाकर एसडीओ आरईएस (RES) और श्रम विभाग के अधिकारी के साथ मिलकर इन चोरों ने अपनी लूट खशोट को चालू किया जिसे भ्रष्टाचार में पहले से डूबे अधिकारी भी मना नहीं कर पाए। इन चार चोरों के खिलाफ इतने मामले हैं कौशल विकास योजना में घोटाले के की अगर इसकी गिनती की जाए तो वह भी कठिन लगने लगेगा। इन चोरों ने मटेरियल बिल में काफी हेरा फेरी की है जिसमे मटेरियल तो कुछ लगाया भी नही और बिल लाखों का पास कराते रहे,सामान बांटने के नाम पर इन लोगों ने बड़े बड़े बिल लगाए लेकिन हितग्राहियों को ठेंगा दिखाया।

शासन की राशि डकार जाते थे विदेश तक घूमने

अब इन चोरों का उल्लेख करते हुए हैं आपको बताना चाहते हैं की जब साल भर शासन की राशि को ढकारने के बाद उसे पचाने की सोच रखने वाले ये चोर देश से लेकर विदेश तक घूमने जाते थे ताकि इस अवैध तरीके से कमाए राशि को अपने अय्याशी में खर्च कर सकें।इनमे कुछ नेताओं के सगे संबंधी भी हैं जिससे इनके हौसले भी बुलंद थे लेकिन शासन बलने बाद इनके दांत खट्टे भी हुए।

बायोमेट्रिक क्लोनिंग के जरिए लगाए जाते थे हितग्राहियों के अटेंडेंस

इस चोर संस्था की कहानी कितनी सुनाई जाए उतनी कम है क्योंकि इनके अपराधों और घोटालों की लिस्ट लंबी हैं।इस बायोमेट्रिक क्लोनिंग की विधि हम सुरक्षा कारणों से नही बता सकते।

जल्द अगले अंक में साक्ष्यों के साथ इनके नाम का भी उजागर किया जाएगा।

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