सरकारी नियमों की अनदेखी, अब तक एक भी समिति से नहीं हुआ धान का उठाव

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर, संवाददाता
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरे प्रदेश में जारी है, लेकिन जिला सूरजपुर में धान उठाव की स्थिति बेहद गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है। जिले की सभी 54 धान खरीदी समितियों में खरीदी तो लगातार हो रही है, लेकिन अब तक एक भी समिति से धान का उठाव नहीं किया गया है।

उठाव शून्य रहने के कारण समितियों के गोदाम पूरी तरह भर चुके हैं और बड़ी मात्रा में धान खुले में रखा गया है। इससे धान के नमी, बारिश और खराब होने का खतरा बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर किसानों को टोकन और खरीदी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसान परेशान, समिति प्रबंधन असहाय

कई किसानों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो धान खरीदी बाधित होगी और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।समिति प्रबंधकों के अनुसार मार्कफेड और नागरिक आपूर्ति निगम से अब तक एक भी वाहन धान उठाव के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

सरकारी नियमों के विपरीत हालात

धान उपार्जन को लेकर राज्यशासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन सूरजपुर जिले में इन नियमों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। नियमों के अनुसार खरीदी के साथ-साथ उठाव भी समानांतर रूप से होना चाहिए, ताकि समितियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

प्रशासनिक दावे बनाम हकीकत

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उच्च स्तर पर जानकारी भेजे जाने और जल्द समाधान की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि सूरजपुर जिले में अब तक एक भी समिति से धान का उठाव नहीं हुआ है। यह स्थिति शासन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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