अंतर्राज्यीय हाथी दांत तस्कर गिरोह का भंडाफोड़: 3 आरोपी गिरफ्तार, जबड़ा जप्त

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र रामानुजगंज, बलरामपुर : छत्तीसगढ़ में संगठित वन अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रामानुजगंज में कन्हर नदी के पास स्थित आमंत्रण धर्मशाला में संयुक्त टीम ने दबिश देकर अंतर्राज्यीय हाथी दांत (जबड़ा) तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने मौके से 3 तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 03 नग हाथी दांत (जबड़ा) जप्त किया है।
गुप्त सूचना पर धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में छापा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में राज्य भर में सघन मुहिम चलाई जा रही है। इसी क्रम में 3 अगस्त 2026 को वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र भोपाल), राज्य उड़न दस्ता दल रायपुर तथा वनमण्डल बलरामपुर की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि कन्हर नदी किनारे स्थित आमंत्रण धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में एक संदिग्ध व्यक्ति हाथी दांत तस्करी के इरादे से ठहरा हुआ है।
सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल धर्मशाला के रूम नंबर 205 में दबिश दी। तलाशी लेने पर एक बैग में छिपाकर रखे गए 3 नग हाथी दांत (जबड़ा) बरामद हुए।झारखंड और स्थानीय तस्करों का गठजोड़
मौके पर मौजूद तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अवैध तस्करी का अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
संतोष कुमार विश्वकर्मा (42 वर्ष) – निवासी: तुकबेरा, थाना नवाबजार, जिला पलामू (झारखण्ड)
अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) – निवासी: वार्ड क्र. 11, रामानुजगंज, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज (छ.ग.)
सतेन्द्र कुमार रजक (50 वर्ष) – निवासी: वार्ड क्र. 05, रामानुजगंज, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज (छ.ग.)

विवेचना जारी
मामले में परिसर रक्षक रामानुजगंज द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21972/11 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 एवं 52 के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध किया गया है। (उल्लेखनीय है कि भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 भाग-1 के तहत अत्यंत संरक्षित वन्यप्राणी है)।
सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) रामानुजगंज के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वन विभाग द्वारा मामले में आगे की विवेचना जारी है।