सेमरसोत के जंगलों से रुक नहीं रही है गौ तस्करी,पस्ता प्रभारी की मिली भगत या नाकामयाबी..?

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र बलरामपुर सेमरसोत के जंगलों में गौ तस्करों को अनुकूल प्राकृतिक वातावरण मिल रहा है और यहां से छुपते छुपाते तस्करों को आसानी से अपना काम किसी के नजर में आए बिना ही आसानी से तस्करी कर रहे हैं,खैर तस्करों का क्या उनका तो काम ही है तस्करी करना लेकिन पस्ता थाना प्रभारी विमलेश सिंह के द्वारा शायद इस मामले पर सही से ध्यान नहीं दिया जा रहा है या तस्करों के साथ उनके साथ गांठ हो सकते हैं। कई बार पूर्व में भी देखने को मिला है कि थाना या चौकी की टीम तस्करों के साथ मिलकर काम करती है और अपना जेब भरने का एक अहम योजना बनाकर रखते हैं। जब हमने इस बारे में हर प्रकाशित किया तो कुछ लोगों की प्रतिक्रियाएं हमारे पास आई और इस विषय में जानकारी लेने के लिए गौ रक्षा सेवा समिति के व्यक्ति द्वारा हमें फोन का जानकारी ली गई और उन्होंने बताया कि हम तत्परता से गौ रक्षा के लिए अग्रसर है यदि कोई ऐसी घटना की जानकारी आप तक पहुंचती है तो हमें सूचित करें लेकिन विमलेश सिंह जो कि थाना प्रभारी के पद पर हैं उनके कान में जु तक नहीं रेंगती है क्योंकि विमलेश सिंह आज तक हमारी जानकारी के अनुसार इस विषय पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं उनके असफल किरदार में यह कोई नया मामला नहीं है बल्कि उनके थाना क्षेत्र में इससे पूर्व कबाड़ चोरी नशा और कई अनैतिक चीज फल फूल रही थी चूंकि विमलेश सिंह अब बलरामपुर जिले में पदस्थ हैं फिर भी नए जिले में काम करने के बावजूद भी उनके तरीके आज भी वही है हमें कुछ सूत्रों से जानकारी मिली कि कल रात फिर से सेमरसोत के जंगलों से बेजुबानो की तस्करी धड़ल्ले से हुई और पुलिस महकमा ठंड के महीने में कंबल जैकेट ब्लैंकेट चादर रजाई गद्दा ओढ़ कर सोता रहा। अगर हमारे सूत्र ने जो जानकारी दी है वह सही है तो विमलेश सिंह जैसे थाना प्रभारी के लिए बेहद शर्मनाक है क्योंकि विमलेश सिंह को सैलरी इसी बात की मिलती है कि वह अपने क्षेत्र में हो रहे अपराध को रोकें नेकी अपने क्वार्टर में जाकर चुपचाप सो जाएं। आखिर कब तक बेजुबानो को इस अत्याचार का सामना करना पड़ेगा और कब तक इंसानी लालच बेजुबानों के खून की प्यासी रहेगी। पस्ता के गौ रक्षक अंबिकेश यादव ने हमें बताया कि कल उन्होंने इस संबंध में एडिशनल एसपी से बात की है और एडिशनल एसपी ने उन्हें जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।अब देखने वाली बात होगी कि एडिशनल एसपी और उच्च पुलिस अधिकारी इस विषय पर क्या संज्ञान लेते हैं। हमें हमारे सूत्र ने बताया कल रात पूरा गौ तस्करी हुई थी अब ऐसे में सवाल उठता है कि खबर छपने के बाद जब विमलेश सिंह न्यूज़ ना लगे कहकर निवेदन करवा सकते हैं तो इस मामले पर संज्ञान भी ले सकते थे पत्रकार को न्यूज़ लगाने से रोकने से अच्छा है अपने काम को सही तरीके से करना लेकिन विमलेश सिंह सेटलमेंट के माहिर योद्धा है और उनके द्वारा अपने खिलाफ कुछ भी होने पर सेटल करने की योजना पर काम किया जाने लगता है। विमलेश सिंह के द्वारा न्यूज़ लगाने के बाद हमें सेटल करने का प्रयास किया गया था जिसके विषय में संक्षिप्त खबर हम प्रकाशित करेंगे फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि गाय को मां मानकर चलने वालों को गौ तस्करी का कभी समर्थन नहीं करते