सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र वाड्रफनगर/बलरामपुर:सोशल मीडिया पर सस्ते लाइक, कमेंट और सब्सक्राइबर बटोरने की अंधी दौड़ में लोग किस हद तक गिर सकते हैं, इसका शर्मनाक उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर में देखने को मिला है। खुद को यूट्यूबर बताने वाले दिलेश देवांगन द्वारा ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक, अशोभनीय और भड़काऊ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।लेकिन इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और शर्मनाक पहलू इस व्यक्ति का दोहरा चरित्र है।दोमुंही चाल: रोजी-रोटी के लिए ब्राह्मणों का सहारा, और पीठ पीछे सामाजिक जहरआरोपी दिलेश देवांगन HDFC Life Insurance में पार्टनर (एजेंट/प्रतिनिधि) के तौर पर काम करता है।कमीशन के लिए मीठी बोली: अपनी रोजी-रोटी और जेब भरने के लिए यही व्यक्ति ब्राह्मण समाज के लोगों के पास जाकर मीठी-मीठी बातें करता है और उन्हें चंद रुपयों के कमीशन के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने का दबाव बनाता है।सोशल मीडिया पर घटिया चाल: वही इंसान अपने YouTube चैनल पर व्यूज का भूखा बनकर उसी ब्राह्मण समाज के खिलाफ जहर उगलता है और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करता है।जिस समाज के पैसों से इसकी आजीविका चलती है, उसी समाज का अपमान करना इसकी विकृत और अवसरवादी मानसिकता को साफ दर्शाता है। चंद सब्सक्राइबर और पैसों के लालच में सामाजिक ताने-बाने को तार-तार करने की इस हरकत से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।ब्राह्मण संघ का आक्रोश: पुलिस चौकी में लिखित शिकायतइस दोहरे चरित्र और अभद्र कृत्य से आहत समस्त ब्राह्मण संघ, ब्लॉक वाड्रफनगर ने चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।संघ ने साफ कहा कि:आरोपी यूट्यूबर व्यूज और कमेंट्स बढ़ाने के लिए लोगों को उकसाता है।इससे क्षेत्र में सामाजिक समरसता और शांति भंग होने की पूरी आशंका है।आरोपी का इतिहास पहले भी विवादित रहा है और वह बार-बार इस तरह के सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले काम करता है।इन कड़े कानूनी प्रावधानों (BNS व IT Act) के तहत हो सकती है जेलसोशल मीडिया का दुरुपयोग कर जाति या समुदाय विशेष को निशाना बनाने पर कड़े कानूनी प्रावधान लागू होते हैं:BNS की धारा 196 (IPC 153A): जाति या समुदाय के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच नफरत और वैमनस्यता फैलाने पर। BNS की धारा 299 (IPC 295A): किसी समाज या वर्ग की धार्मिक/सामाजिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने पर। बीएनएस की धारा 353 (आईपीसी 505): सार्वजनिक असंतोष और उपद्रव भड़काने वाले बयान या वीडियो प्रसारित करने पर।IT Act की धारा 67: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, मानहानिकारक या अश्लील सामग्री फैलाने पर।उठ रही बहिष्कार की मांगक्षेत्र के जागरूक नागरिकों और ब्राह्मण संघ ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की फॉरेंसिक जांच कर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, समाज के लोगों से भी अपील की जा रही है कि ऐसे दोहरे चरित्र वाले व्यक्तियों से किसी भी प्रकार के व्यावसायिक संबंध (जैसे इंश्योरेंस पॉलिसी लेना) न रखें जो एक तरफ आपसे रोजी-रोटी कमाए और दूसरी तरफ आपकी ही प्रतिष्ठा पर हमला करे। Post navigation गोंदा हत्याकांड: पीड़ित परिवार ने उठाई त्वरित व निष्पक्ष न्याय की मांग