वीडियो वायरल होने के बाद अलरिक लकड़ा और पंकज सिंह निलंबित

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र रामानुजनगर/सूरजपुर | रामानुजनगर थाना क्षेत्र के कुमेली घाट के जंगलों में चल रहे हाईप्रोफाइल जुआ फड़ का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस मामले में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रशांत कुमार ठाकुर ने कड़ा फैसला लेते हुए रामानुजनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अलरिक लकड़ा और रक्षित केंद्र में पदस्थ आरक्षक पंकज सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से कुमेली घाट के जंगलों में बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की खबरें और वीडियो वायरल हो रहे थे। वीडियो में न केवल जुआरियों का जमावड़ा दिख रहा था, बल्कि रक्षित केंद्र सूरजपुर में पदस्थ आरक्षक (चालक) पंकज सिंह भी दांव लगाते हुए साफ नजर आ रहा था। जंगल में इस कदर बेखौफ चल रहे अवैध कारोबार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

लापरवाही और संलिप्तता पर गिरी गाज

एसएसपी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि थाना क्षेत्र में इतने वृहद स्तर पर जुआ संचालित होना थाना प्रभारी की संलिप्तता या घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है। निर्देशों के बावजूद अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण न रख पाने के कारण निरीक्षक अलरिक लकड़ा को पदीय आचरण के विरुद्ध कार्य करने और अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। वहीं, आरक्षक पंकज सिंह को जुआ खेलते पाए जाने पर विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप में निलंबित कर रक्षित केंद्र (लाइन) अटैच कर दिया गया है।

सात दिनों के भीतर मांगी जांच रिपोर्ट

इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

  • निरीक्षक की जांच: पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) प्रेमनगर, बेनार्ड कुजूर को सौंपी गई है।
  • आरक्षक की जांच: रक्षित निरीक्षक सूरजपुर, अशोक गिरी करेंगे।
    दोनों ही जांच अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मामले की प्राथमिक जांच कर 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। निलंबन अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को नियमानुसार गुजारा भत्ता देय होगा।

एसएसपी की चेतावनी: जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आरोप:लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और पदीय आचरण के विरुद्ध कार्य करना।
जांच अधिकारी: निरीक्षक के मामले की जांच बेनार्ड कुजूर (पु.अनु.अधि. प्रेमनगर) करेंगे।
 आरक्षक के मामले की जांच अशोक गिरी (रक्षित निरीक्षक, सूरजपुर) करेंगे।
समय सीमा:दोनों जांच अधिकारियों को 7 दिनों के भीतर प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कड़ा संदेश: पुलिस प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से विभाग के भीतर हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध को संरक्षण देने वाले या अनुशासन तोड़ने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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