आवेदक को एफआईआर के लिए भटका रहा राजपुर का 2 स्टार थाना प्रभारी अखिलेश सिंह

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र पुलिसिंग के कर्तव्य की जानकारी अधूरी है या बिलकुल भी नहीं है राजपुर के दो स्टार थाना प्रभारी को यह समझ से परे है, हम ऐसा इस लिए कह रहे हैं क्योंकि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रि. से मिली जानकारी के अनुसार नियम में पुलिस को प्रार्थी के आवेदन पर एफआईआर लिखना चाहिए और उसे जांच में लेना चाहिए लेकिन राजपुर के थाना प्रभारी अपने आप को महामहिम समझ बैठे हैं या वो अपने सामने किसी को कुछ समझते ही नहीं हैं जो उसने आवेदक से आवेदन लेकर उसके आवेदन पर अपराध तक दर्ज नहीं किया।

मामला लगभग एक महीना पहले शिवपुर में विश्वनाथ चौधरी के घर में आबकारी की रेड के बाद उसे अगुवा कर दो व्यक्तियों से 4 लाख रुपए वसूलने का है लेकिन इतने संगीन मामले पर जब प्रार्थी द्वारा आवेदन दिया जाता है तो राजपुर के दो स्टार थाना प्रभारी जो काफी समय से निरीक्षक को कुर्सी में बैठे हुए हैं , वह आवेदन पर अपराध दर्ज करना तो दूर उसके आवेदन की पावती तक नही देते हैं, ऐसे में यह संदेह हो सकता है की अखिलेश सिंह के द्वारा मामले को दबाने के एवज में ऐसा किया जा रहा हो और ऐसा भी हो सकता है की अखिलेश सिंह घुस के वजन से इतना दब चुके हैं की वो अपने कुर्सी से उठकर कार्यवाही करने का साहस तक नही जुटा पा रहे हैं,खैर संभनाओ का कोई अंत नहीं होता लेकिन ये सारी संभावनाएं अखिलेश सिंह के रवाइवे से लगता है। अखिलेश सिंह को प्रार्थी के आवेदन पर अपराध दर्ज कर जांच करनी चाहिए ना की प्रार्थी को बेवजह परेशान करना चाहिए, खैर वर्दी का बेवजह रौब दिखाना कोई इनसे सीखे क्योंकि प्रार्थी की माने तो मामले को जांच के नाम पर लंबा खींचा जा है,और इतने दिनो बाद भी प्रार्थी को न्याय नहीं मिल पाया।

प्रार्थी ने ब्याज पे पैसे उधार लेकर दिए थे आबकारी अधिकारी को पैसे

जब आवेदक को आबकारी के अधिकारी द्वारा जंगल में ले जाया गया था तब उसे जान से मारने और झूठे मामले में फसाने की धमकी देकर उससे और उसके साथ एक अन्य से कुल 4 लाख की उगाही की गई थी, जो पैसा आवेदक द्वारा ब्याज में उधार लेकर दिया गया था।

3 स्टार होने के बाद भी 2 स्टार सालों से चला रहा थाने का प्रभार

जिले में निरीक्षक होने के बाबजूद भी एक 2 स्टार को थाने का प्रभार सालों से दिया गया है जबकि नियम से थाने में 3 स्टार निरीक्षक को प्रभारी होना चाहिए,बाबजूद इसके अखिलेश सिंह सालों से इस थाने में अपना पैर जमाय बैठा है।

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