बलरामपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: गाजर गाँव में 31 अवैध मकानों पर चला बुलडोजर, 3.851 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण मुक्त

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र बलरामपुर वनमण्डल बलरामपुर के अंतर्गत वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आज वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर वन परिक्षेत्र धमनी के उप परिक्षेत्र नवाडीह (बीट-अन्नपारा) के संरक्षित वन कक्ष क्रमांक पी 953, ग्राम-गाजर में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चलाया। इस दौरान कुल 34 अतिक्रमणकारियों में से उन मामलों को छोड़कर जो माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं, शेष 31 मामलों में निर्मित अवैध मकानों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई से लगभग 3.851 हेक्टेयर की बहुमूल्य वन भूमि को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है। 
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी गई दबिश
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस बेदखली अभियान से पहले वन विभाग द्वारा कानून सम्मत सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं। वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर द्वारा सभी अतिक्रमणकारियों को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 (A) के तहत बकायदा बेदखली का नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी कब्जाधारियों को स्वयं ही अतिक्रमण खाली करने के लिए कई बार मौके और पर्याप्त समय भी दिया था।

मुक्त कराई गई भूमि पर होगा व्यापक वृक्षारोपण
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इस 3.851 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाएगा। आगामी वर्षा ऋतु (मॉनसून) के दौरान स्थानीय ग्राम पंचायत के सदस्यों, जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय उपस्थिति में यहाँ एक विशाल ‘वन महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत इस पूरी भूमि पर सघन वृक्षारोपण कार्य कराया जाना तय हुआ है। 
मौके पर तैनात रहा भारी अमला
इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम देने के लिए मौके पर भारी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अभियान के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रामानुजगंज, उप वन मण्डलाधिकारी (वन) वाड्रफनगर, तहसीलदार-रामानुजगंज और रामचन्द्रपुर के अधिकारी-कर्मचारियों सहित वन परिक्षेत्राधिकारी धमनी, वाड्रफनगर, रघुनाथनगर, रामानुजगंज, बलरामपुर, चांदो व काष्ठागार का स्टाफ तैनात था। इसके अलावा वन विभाग के सैकड़ों कर्मचारी, वन सुरक्षा श्रमिक तथा ग्राम-गाजर के सरपंच, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इस बेदखली की कार्रवाई के गवाह बने। 
वन अपराधों पर बर्दाश्त नहीं होगी ढिलाई: वनमण्डलाधिकारी
वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर ने जिले के समस्त वन अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी प्रकार के वन अपराध, अवैध अतिक्रमण, पेड़ों की अवैध कटाई, अवैध चराई या वन्य प्राणियों से संबंधित अपराधों को बेहद गंभीरता से लिया जाए और दोषियों के खिलाफ तत्काल व कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।