सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र एमसीबी देबाशीष गांगुली जल संसाधन विभाग पर आरोपों के सिलसिले थमने का जहां नाम ही नहीं ले रहे वहीं बीते दिन खड़गवां के सांवला जलाशय में नहर निर्माण कार्य के कुछ दिनों के अंदर ही नहर का वॉल फुट कर ध्वस्त हो गया, जिस पर जल संसाधन विभाग एवं संबंधित ठेकेदार पर भ्रष्टाचार करने एवं गुणवत्ताहीन कार्य करने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है, जब पत्रकारों की टीम के साथ ग्रामीणों ने संपर्क साधा, तब ग्रामीणों ने अपनी आप बीती सुनाते हुए सच्चाई को उजागर किया और इस मामले की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि पहले भी इसी नहर का वॉल आगे के हिस्सों में भी ध्वस्त हुआ था, मगर उस वक्त भी ग्रामीणों को जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा झूठा एवं बुनियादी आश्वासन देते हुए टूटे हुए वॉल की मात्र लीपापोती कर दी गई इसके बाद बीते दिन निर्माण किए गए इस नहर के वॉल का जिस तरह का गुणवत्ताहीन कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा करवाया गया जिसके बाद यह 1 महीने भी ठीक से टिक नहीं सका और पहले पानी के बहाव में ही ध्वस्त हो गया, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई और ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारी एवं इस भ्रष्टाचार में लिप्त ठेकेदार का पुरजोर विरोध किया और आगे अपनी बात कलेक्टर के समक्ष रखने की भी बात कही, अब आगे देखने वाली बात है कि ऐसे भ्रष्टाचार भरे कार्य में शासन-प्रशासन किस तरह की सख्त कारवाही करती है और इस भ्रष्टाचार में लिप्त समस्त उच्च अधिकारियों एवं ठेकेदार पर किस तरह की ठोस कार्यवाही की जाती है। Post navigation जल संसाधन विभाग द्वारा कराए गए निर्माण कार्य चढ़े भ्रष्टाचार की भेंट? लगभग 100-150 किसानों में त्राहि-त्राहि सा मंज़र, जिसकी सूद लेने वाला कोई नज़र नहीं आया? जल संसाधन विभाग की असफलताओं एवं अपनी दुख पीड़ा भरी दास्तां सुनाने पहुंचे ग्रामीण कलेक्टर कोरिया के पास, होगी कार्यवाही या मामला पहुंच जाएगा ठंडे बस्ते में?