सिंधु स्वाभिमान सूरजपुर प्रशान्त पाण्डेय कुछ दिनों पहले एक लाश सूरजपुर जिले में रेलवे की पटरियों में पाया जाता है जिसकी जानकारी परिजनों को रात में दी जाती है लेकिन उसके बाद पुलिस के कारनामों पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि परिजनों से बात करते हुए सूरजपुर थाना प्रभारी दीपक पासवान बोलते हैं की यह आत्महत्या का मामला है,अब इन महाज्ञानी टी आई को कौन बताए की ये सिर्फ एक आम पुलिस वाले हैं जिनका काम जांच करके रिपोर्ट माननीय न्यायालय तक देना है लेकिन ये सूरजपुर जिले में जोत्शी बने फिर रहे हैं और अपनी थ्योरी पीड़ित परिजनों पर थोप रहे हैं। हालातों को देख कर पीड़ित परिवार ने जताई हत्या की आशंका पीड़ित परिवार का कहना है की विकास अम्बिकापुर से सूरजपुर आया जहां उसने एक होटल में नाश्ता भी किया अब ऐसे में सवाल उठता है की जो आत्महत्या का मन बना चुका होगा उसे नाश्ता करने की क्या जरूरत है साथ उसने अपने बुआ के लड़के को अपने सूरजपुर पहुंचने की बात भी कही जो उसकी अच्छी मानसिक स्थिति को दर्शाता है इन सब बातों से प्रथम दृष्टिया कहीं से भी आत्महत्या नही लगती।यदि पीड़ित को आत्महत्या करनी ही होती तो वह अपने घर के पास ही कर सकता था लेकिन वह अपने घर से इतने दूर जाकर आत्महत्या क्यो किया।मृतक का कॉल डिटेल्स क्या थी, उसका लास्ट लोकेशन क्या था और तो और उसकी आखरी एक सप्ताह में किससे जादा बातें हुई थी इन सब बातों को छोड़ कर पुलिस के तेज तर्रार निरीक्षक दीपक पासवान इस मामले को आत्महत्या बताने में लगे हुए हैं । मृतक के सिर में चोट के निशान को देख कर लगता है की किसी धार दार हथियार से हमला किया गया होगा ट्रेन में कटने से शरीर के चीथड़े उड़ जाते पर शरीर के चोटों से मामला कुछ और ही प्रतीत होता है। पुलिस विभाग में ऐसे बहुत सारे अधिकारी हैं जो अपने कर्तव्य को ही अपना धर्म मानते हैं और ऐसे पुलिस वालों के चलते आज भी पुलिस विभाग पर आम जनता का भरोसा है पर जरा सोचिए दीपक पासवान जैसे पुलिस वालों का जो मृतक के परिजनों को अपनी थ्योरी दे रहे हैं,ऐसे समय में पीड़ित परिवार पर क्या बीत रही होगी ये पासवान साहब क्या जाने।खैर परिजनों ने मामले में पुलिस कप्तान श्री रामकृष्ण साहू से मुलाकात की है और उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच दूसरे अधिकारी को दी है ।इस मामले में पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की हर संभव सहायता का भी भरोसा दिलाया है। Post navigation मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने जा रहे नेताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार मृतक के परिवार ने बताई झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से हुई मौत,लेकिन मौत के इतने दिनो बाद भी पुलिस के हांथ खाली