सूरजपुर,चांदनी बिहारपुर: राजस्व निरीक्षक पर रिश्वत और अभद्र व्यवहार का आरोप, बुजुर्ग किसान ने कलेक्टर से की शिकायत


सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर छत्तीसगढ: जिले के बिहारपुर तहसील में भ्रष्टाचार और सरकारी कर्मचारी की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक 73 वर्षीय बुजुर्ग किसान, रामजीत सिंह ने राजस्व निरीक्षक (RI) रामसकल सिंह पर जमीन सीमांकन के बदले रिश्वत लेने और गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित किसान ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत कछिया के निवासी रामजीत सिंह के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को तहसीलदार के आदेश पर उनकी पट्टे की भूमि (खसरा नंबर 172, 175 सहित अन्य) का सीमांकन किया जाना था। आरोप है कि सीमांकन के दौरान आर.आई. रामसकल सिंह शराब के नशे में थे।
पीड़ित के बयान के मुख्य अंश:
पीड़ित किसान ने अपने बयान में बताया कि:
रिश्वत की मांग: आर.आई. ने “आने-जाने के खर्च” के नाम पर डरा-धमकाकर जबरन 3000 रुपये की रिश्वत ली।
अभद्र व्यवहार: पैसे लेने के बावजूद आर.आई. ने किसान के घर बैठकर ही उसे और उसके परिवार को भद्दी-भद्दी गालियां दीं।

आवेदक द्वारा सूरजपुर कलेक्टर को दिया गया आवेदन

धमकी: अधिकारी ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए तो वह जमीन की नाप गलत (उल्टी) कर देगा, जिससे किसान भविष्य में परेशान होता रहेगा।
विवाद की स्थिति: किसान का आरोप है कि आर.आई. ने न केवल पैसे लिए, बल्कि जानबूझकर जमीन को विवादित बना दिया और गांव वालों के साथ उसका झगड़ा कराकर वहां से चला गया।
कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग
बुजुर्ग किसान ने कलेक्टर को सौंपे पत्र में कहा है कि वह दो बार सीमांकन का आदेश करा चुका है, फिर भी उसे मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि मामले की तत्काल मौका जाँच कराई जाए और दोषी राजस्व निरीक्षक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
वर्तमान में यह आवेदन कलेक्टर कार्यालय में जमा कर दिया गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के मामले में क्या कदम उठाता है।

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