विष्णु देव साय कैबिनेट के अहम फैसले: पूर्व अग्निवीरों के भर्ती नियम-2026 को मंजूरी, अतिथि व्याख्याता नीति में बदलाव, ‘हनुमान अंश’ टैक्स फ्री

सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल सहित मंत्रिमंडल के सभी प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। कैबिनेट ने प्रदेश के युवाओं, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक विकास से जुड़े कई दूरगामी प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई है।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय

  • पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम-2026 स्वीकृत: राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसमें नियुक्ति, सेवा शर्तों, मापदंड और चयन प्रक्रिया का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ पुलिस विभाग (आरक्षक), वन विभाग (वनरक्षक) और जेल विभाग (जेल प्रहरी) की भर्तियों में मिलेगा।
  • अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को हरी झंडी: उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नई ‘अतिथि व्याख्याता नीति-2026’ लागू की गई है। इसके तहत अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति प्रक्रिया और मानदेय व्यवस्था में आवश्यक और सकारात्मक बदलाव किए गए हैं।
  • फिल्म ‘हनुमान अंश’ राज्य में टैक्स फ्री: धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक संवर्धन को ध्यान में रखते हुए हिंदी फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया गया है। इस छूट के तहत सिनेमाघरों को मिलने वाले एसजीएसटी (SGST) के हिस्से की भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।

पर्यटन और संस्कृति से जुड़ेगा रोजगार: मंत्री राजेश अग्रवाल

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कैबिनेट निर्णयों पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने और छत्तीसगढ़ की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

“छत्तीसगढ़ का पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है; यह हमारी प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को आपस में जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है। बस्तर की संस्कृति से लेकर सरगुजा की सुंदरता और सिरपुर, राजिम व भोरमदेव जैसी धरोहरों को पर्यटन नेटवर्क से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोले जा रहे हैं।” — राजेश अग्रवाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, छत्तीसगढ़

राज्य सरकार के इन निर्णयों से प्रदेश के युवाओं में रोजगार की नई उम्मीद जगी है, वहीं शिक्षा व सांस्कृतिक क्षेत्रों को भी नया आयाम मिलने की संभावना है।

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