सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र रामानुजगंज दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे लकड़ी तस्करी और अंतरराष्ट्रीय परिवहन के कारण कुछ तस्करों के हौसले बुलंद होते जा रहे थे लेकिन रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के रेंजर निखिल सक्सेना के द्वारा इस अपराध के विरुद्ध किए जा रहे कार्रवाई का ही नतीजा है कि एक बार फिर से लकड़ी माफियाओं को मुंह की खानी पड़ी है। वन अपराधों पर मुस्तादी से कार्रवाई करने और लकड़ी तस्करी के लिए काल बनकर आए श्री सक्सेना के कुशल नेतृत्व का नतीजा है कि इतनी बड़ी कार्यवाही संभव हो पाई है।आपको बता दे की दिनांक 23.12.2025 को वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन एवं उपवनमण्डलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज निखिल सक्सेना के नेतृत्व में सर्किल रामानुजगंज, बीट रामानुजगंज के चोरपहरी बैरियर में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रक में सेमर लकड़ी लोड कर परिवहन किया जा रहा था। वाहन चालक मनोज भुईहर आत्मज मुनीब भुईहर, उम्र 41 वर्ष, साकिन नवाडीह, तहसील+थाना चैनपुर, जिला पलामू (झारखण्ड) से लोडिंगमय वनोपज के संबंध में परिवहन अनुज्ञा पत्र (टी.पी) का मांग कर जांच किया गया एवं आनलाईन NTPS में भी जांच कर मिलान किया गया जिसमें दोनो टी.पी. अलग-अलग पाया गया। तत्पश्चात् लोडिंगमय वाहन ट्रक क्र.CG 15 AC/5484 को जप्त कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33 (1) ड़ एवं धारा 52 एवं छ०ग० वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5 (1) एवं छ०ग० वनोपज अभिवहन नियम 2001 की धारा 41 नियम (3) के तहत् कार्यवाही किया जा रहा है।उक्त प्रकरण में जप्ती की कार्यवाही के दौरान विजय सिंह उपवनक्षेत्रपाल, दयाशंकर सिंह,सुसन्ना भगत वनपाल एवं मंगलचन्द्र राम, पिन्टू मालाकार,धीरेश्वर प्रसाद उपाध्याय वनरक्षक के द्वारा मौके पर उपस्थित होकर नियमानुसार कार्यवाही किया गया। Post navigation विधायक शकुन्तला सिंह को छानबीन समिति के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश जारी फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला: आदिवासी समाज ने कलेक्टर को दी आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप