लटोरी खसरा नंबर 606 अतिक्रमण मामला: कार्रवाई के बाद भी सवालों के घेरे में राजस्व अमला

लटोरी ग्राम पंचायत के खसरा नंबर 606, जो कि बाजार (हाट) हेतु आरक्षित शासकीय भूमि है, पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर सिंधु स्वाभिमान द्वारा प्रकाशित खबर के बाद राजस्व अमले ने औपचारिक रूप से निर्माण कार्य को रुकवा दिया। इस कार्रवाई को प्रशासन की तत्परता के रूप में देखा गया।

लेकिन अब इस पूरे मामले में एक नया और गंभीर मोड़ सामने आ रहा है। हमारे विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, राजस्व अमले द्वारा अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति को मौखिक रूप से यह निर्देश दिया गया कि वह रात के समय शेष निर्माण कार्य को पूरा कर ले। साथ ही यह भी हिदायत दी गई कि इस गतिविधि की जानकारी सिंधु स्वाभिमान की टीम तक न पहुंचे।

सूत्रों का यह भी दावा है कि इस पूरे प्रकरण में राजस्व अमले को कथित रूप से रिश्वत दी गई है, जिसके चलते अतिक्रमणकर्ता को इस तरह का अनैतिक संरक्षण मिल रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल शासकीय भूमि की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

गौरतलब है कि खसरा नंबर 606 ग्राम पंचायत के सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि है और उस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण स्पष्ट रूप से नियमों के विरुद्ध है। ऐसे में आधी-अधूरी कार्रवाई और कथित मौखिक संरक्षण प्रशासन की भूमिका को संदेह के घेरे में ला रहा है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और उच्च राजस्व अधिकारी इस पूरे मामले का निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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