सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र अम्बिकापुर

तीन कथित फर्जी पत्रकारों पर केरजू धान समिति प्रबंधक से अवैध रूप से पैसे मांगने का आरोप
सरगुजा।
सरगुजा संभाग में इन दिनों फर्जी पत्रकारों का एक संगठित गिरोह सक्रिय हो गया है, जो स्वयं को पत्रकार बताकर ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बनाते हुए अवैध वसूली कर रहा है। ये लोग सरपंचों, सचिवों, धान उपार्जन केंद्रों के प्रबंधकों और कर्मचारियों को डरा-धमकाकर पैसों की मांग कर रहे हैं। स्थिति यह है कि कई जगह भोले-भाले समिति प्रबंधक डर के कारण उनकी मांगें मानने को मजबूर हो जाते हैं।
ताजा मामला सरगुजा जिले के केरजू धान उपार्जन केंद्र का है, जहां समिति प्रबंधक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रबंधक के अनुसार मधु कुर्रे नामक युवती अपने दो अन्य साथियों के साथ पत्रकार होने का दावा करते हुए धान समिति केंद्र केरजू पहुंची, जहां उन्होंने विभिन्न अनियमितताओं का हवाला देकर दबाव बनाया और पैसों की मांग की।
समिति प्रबंधक का कहना है कि तीनों कथित पत्रकार लगातार मानसिक दबाव बना रहे थे और डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे थे। इस हरकत से परेशान होकर समिति प्रबंधक ने वास्तविक पत्रकारों से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया।
प्रबंधक ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना केवल केरजू समिति तक सीमित नहीं है, बल्कि सरगुजा संभाग के अन्य इलाकों में भी इसी तरह के मामलों की जानकारी मिल रही है। फर्जी पत्रकारों द्वारा की जा रही इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ सरकारी समितियों को परेशान कर रही हैं, बल्कि ईमानदार और जिम्मेदार पत्रकारों की छवि को भी गहरा नुकसान पहुंचा रही हैं।
स्थानीय पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि
फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
पत्रकारिता के नाम पर अवैध वसूली करने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए
वास्तविक पत्रकारों की पहचान और सत्यापन के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए
अगर समय रहते प्रशासन ने इस पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो फर्जी पत्रकारों का यह गिरोह आम जनता और सरकारी तंत्र दोनों के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
👉 यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि पत्रकारिता की साख और विश्वसनीयता को बचाने की भी बड़ी चुनौती है।

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