अंबिकापुर (सरगुजा):राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH 343) की जर्जर स्थिति, जल संकट और अवैध ब्लास्टिंग जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर अब आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को पत्र सौंपकर प्रशासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी न होने पर 17 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत रानपुर के पेट्रोल पंप के पास ‘चक्का जाम’ करने की घोषणा की गई है।
प्रमुख समस्याएं और मांगें:
कांग्रेस नेता द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में चार मुख्य बिंदुओं पर

प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है:
सड़क की जर्जर हालत: अंबिकापुर से रामानुजगंज जाने वाली NH 343 सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली धूल से राहगीरों का जीना मुहाल है। मिट्टी के ढेरों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
किसानों की सिंचाई में बाधा: राजपुरी के पास आउटर रिंग रोड पर निर्माणाधीन नाले से लगभग 100 स्थानीय किसानों की सिंचाई व्यवस्था ठप हो गई है। मांग की गई है कि नाले का स्थान बदलकर वहां पाइप बिछाए जाएं ताकि खेती प्रभावित न हो।
गंभीर जल संकट: जल जीवन मिशन के दावों के विपरीत रानपुर, राजपुर, असोला और देवगढ़ ग्राम पंचायतों में पीने के पानी की भारी किल्लत है। बोरवेल की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ग्रामीण और किसान परेशान हैं।

अवैध प्लॉटिंग और ब्लास्टिंग का कहर: क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रही अवैध प्लॉटिंग और पत्थरों को तोड़ने के लिए की जा रही भारी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के घरों में दरारें आ रही हैं। इससे जन-धन की हानि का खतरा बना हुआ है।
10 दिनों का समय, फिर होगा उग्र आंदोलन
शैलेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 दिनों के भीतर इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो 17 फरवरी को दोपहर 12 बजे से रानपुर में चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा, तो इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
प्रशासन को सौंपे गए इस पत्र की प्रतिलिपि संबंधित विभागों को भी भेज दी गई है ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

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