सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र रामानुजनगर/सूरजपुर | कुमेली घाट के जंगलों में चल रहे हाईप्रोफाइल जुआ फड़ के वीडियो ने सूरजपुर पुलिस की चूलें हिला दी हैं। जहाँ एक ओर वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रामानुजनगर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा और आरक्षक पंकज सिंह को निलंबित कर दिया है, वहीं दूसरी ओर बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस के पास उन जुआरियों की जानकारी नहीं है जो वीडियो में साफ नजर आ रहे हैं?

सिंधु स्वाभिमान का बड़ा खुलासा: ये हैं वे नामी चेहरे

​पुलिस विभाग द्वारा की गई विभागीय कार्रवाई के बीच सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र को सूत्रों से बेहद अहम जानकारी मिली है। वीडियो में दिख रहे चेहरों की पहचान हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, पुलिसिया संरक्षण में चल रहे इस फड़ में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे:

  1. राजकुमार जायसवाल – निवासी: ग्राम उर्ति, जिला सिंगरौली (मध्य प्रदेश)
  2. शमशेर खान – निवासी: श्रीनगर, जिला सूरजपुर
  3. विवेक पटेल – निवासी: ग्राम श्रीनगर, जिला सूरजपुर
  4. अंबाली केश्वर जायसवाल (बबलू) – निवासी: ग्राम उर्ति, जिला सिंगरौली (मध्य प्रदेश)
  5. बलिंदर राजवाड़े – निवासी: ग्राम मानी, जिला सूरजपुर

संरक्षण की ‘कमीशन’ और आरक्षक की तैनाती

​सूत्रों का दावा है कि कुमेली घाट के जंगलों में जुए का यह काला कारोबार पूरी तरह सुरक्षित और सुनियोजित था। आरोप है कि थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा के संरक्षण में यह खेल चल रहा था और इसकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर उन तक पहुँचता था। रक्षित केंद्र में पदस्थ आरक्षक पंकज सिंह की वहां मौजूदगी महज शौक नहीं, बल्कि इस अवैध कमाई की ‘निगरानी’ और सुरक्षा के लिए की गई तैनाती बताई जा रही है।

जुआरियों पर सन्नाटा क्यों?

​पुलिस महानिरीक्षक और एसएसपी के कड़े फैसले से विभाग के भीतर अनुशासन का संदेश तो गया है, लेकिन जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि अब तक इन नामजद जुआरियों पर शिकंजा क्यों नहीं कसा गया? मध्य प्रदेश के सिंगरौली और सूरजपुर के स्थानीय रसूखदारों का इस तरह बेखौफ जुआ खेलना एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है।

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