मुख्य खबर: छत्तीसगढ़ में मानसून के मद्देनजर नदियों से रेत उत्खनन पर आगामी 15 अक्टूबर तक के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश जारीकर्ता:संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ शासन।प्रतिबंध की अवधि: 10 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक।वैकल्पिक व्यवस्था:निर्माण कार्यों में बाधा न आए, इसके लिए स्वीकृत रेत भंडारण अनुज्ञा (स्टॉकयार्ड) वाले स्थलों से ही रेत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सख्ती:जिला कलेक्टरों को नियमों का कड़ाई से पालन कराने और अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष संवाददाता, सिंधु स्वाभिमानछत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ ही राज्य सरकार ने नदियों के संरक्षण और पर्यावरण नियमों के तहत एक बड़ा फैसला लिया है। संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य की सभी नदियों में कल यानी 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर 2026 तक रेत उत्खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।संचालक रजत बंसल द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित यह पत्र प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को जारी कर दिया गया है, जिसमें इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।केंद्रीय गाइडलाइन के तहत लिया गया फैसलाविभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह प्रतिबंध भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइन, 2016’एवं एनफोर्समेंट एंड मॉनिटरिंग गाइडलाइन, 2020‘के अनुरूप लगाया गया है। वर्षा ऋतु के दौरान नदियों के प्राकृतिक बहाव, जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और जनहानि को रोकने के लिए हर साल इस अवधि में खनन पर रोक लगाई जाती है। शिकायतों के बाद प्रशासन सख्तशासन के ध्यान में यह बात लाई गई है कि पूर्व में सभी खनिज अधिकारियों को सूचित किए जाने के बावजूद, समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से यदा-कदा अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय ने साफ किया है कि इस बार नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टरों को दो टूक निर्देश: “सभी जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में 10 जून से 15 अक्टूबर के मध्य रेत खनन कार्य पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाना सुनिश्चित करें और इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाएं।”विकास कार्यों पर नहीं पड़ेगा असर, स्टॉक से मिलेगी रेतआम जनता और बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास से जुड़े कार्यों को रेत की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। आदेश के बिंदु क्रमांक 2 में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध की उक्त अवधि के दौरान केवल उन्हीं स्थलों से रेत की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिन्हें विभाग द्वारा स्वीकृत रेत भंडारण अनुज्ञा’ प्राप्त है।सिंधु स्वाभिमान की अपील: पर्यावरण नियमों का सम्मान करें। यदि इस प्रतिबंधित अवधि में आपके आस-पास की नदियों से अवैध रूप से रेत का उत्खनन या परिवहन होते दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग को दें। Post navigation सरगुजा: डिगमा-सरगवां मार्ग की बदहाली पर फूटा गुस्सा, नेताजी बंग समाज वेलफेयर सोसायटी ने कलेक्टर से की तत्काल मरम्मत की मांग कुटरचित दस्तावेजों का खेल: नायब तहसीलदार संजीत पाण्डेय और आरआई मार्टिन एक्का की मिलीभगत से बुजुर्ग महिला की जमीन हड़पने की साजिश, कमिश्नर कोर्ट से लगा तगड़ा झटका