सिंधू स्वाभीमान समाचारपत्र,विशेष संवाददाता बलरामपुर जिले के अंतर्गत शिक्षा विभाग में एक फर्जीवाड़े की घटना की जानकारी हमे अपने सूत्रों के द्वारा मिल रही है। यहां ऐसा फर्जीवाड़ा देखने को मिल रहा है जो शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पैरो तले जमीन हिला देने वाला है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले में कई ऐसे शिक्षक हैं जिनकी योग्यता इतनी नही है की उन्हे एक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाए और इन शिक्षकों ने अपने नियुक्ति के दौरान चयनकर्ताओं को धोखे में रख कर अपनी नियुक्ति प्राप्त की है। साथ ही इन शिक्षकों के दस्तावेज भी ऐसे हैं जिनके बारे सूत्र बताते हैं की इन शिक्षकों ने दस्तावेज सत्यापन के दौरान अपने दस्तावेज जैसे 5वी 8वी आदि जैसे के जो प्रमाण पत्र जमा किए हैं वो एक जैसे नाम और सरनेम का फायदा उठा कर दूसरे का प्रमाण पत्र जमा कर दिए हैं जिससे उनकी नौकरी बतौर एक शिक्षिका और शिक्षक के तौर पर हुई है।मिलते जुलते नाम का फायदा उठा कर कर रहे हैं शिक्षा विभाग में नौकरी..?सूत्रों की माने तो कुछ ऐसे भी लोग हैं जो मिलते जुलते नाम और सरनेम का फायदा उठा कर उनके दस्तावेज को लगा कर अपना दस्तावेज सत्यापन करा कर शिक्षक के पद पर पदस्थ है और कुछ तो इसमें ऐसे भी हैं जो हेड मास्टर या प्रधान पाठक तक बने फिर रहे हैं।अब जरूरी हैं की सभी साक्ष्यों के साथ इन फर्जी शिक्षकों की पोल खोली जाए इसके लिए जल्द से जल्द इनके नाम उजागर कर संबंधित अधिकारियों के सामने रक्खा जाए,जिससे ऐसे लोगों को नौकरी से हटा कर साथ ही उचित कार्यवाही वेतन रिकवरी और उचित कानूनी कार्यवाही कार्यवाही हो सके। Post navigation प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ शिकायतों को लिस्ट लंबी, लेकिन जुगाड उपर तक..? कार्यवाही को क्यों फूल रहे अधिकारियों के हांथ पांव ? दीपाडीह कला के शिक्षक प्रकाश चंद्र पैकरा को नही पता अब्बा डब्बा,,खबर ना लगाएं पत्रकार इस लिए अपने करीबियों से दिलवाता है पत्रकारों को धमकी