सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर अपने 12 वर्ष की बेटी को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुची महिला को मदद के नाम पर 10 हजार देने की कोशिश की गई महिला ने ठुकराते हुए आरोपी डॉक्टर स्टाफ के खिलाफ कार्यवाही कर अपराध दर्ज करने की मांग की है. जब जिला कलेक्टर कार्यालय में कार्यवाही के बजाय लेनदेन की पेशकश हो..तो जमीनी हालात क्या होगा..?
धरती के भगवान अर्थात डॉक्टर किस तरह अपने कार्यो को अंजाम दे रहे है किसी से छिपी नही है. इनकी लापरवाही और ज्यादा पैसे कमाने की भूख से कई लोग मौत के गाल में समा चुके है. ऐसी ही लापरवाही ओड़गी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला है।जिसमे एक बारह वर्ष की बच्ची की जांघ में सायकल का ब्रेक शु फंसा हुआ था पर साधारण चोट का इलाज करते रहे।बच्ची की जब जान आफत में आने पर उसे अम्बिकापुर ले जाया गया जहां एक्सरे रिपोर्ट देख कर वहां डाक्टर हैरत में पड़ गए. मामला ग्राम धुर का है जहाँ के सुनीता सारथी की पुत्री 12 वर्षीय परी सिंह 29 अप्रेल को सायकल से उस समय गिर गई जब वह एक घर से दूसरे घर जा रही थी।इस हादसे में बच्ची के जांघ में न केवल चोटें आई बल्कि ब्रेक का रॉड टूट कर अंदर फंस गया।

इलाज करते हुए
कलेक्टर को आवेदन
डिस्चार्ज की पर्ची
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पर्ची
पुलिस अधिक्षक को आवेदन

आनन फानन में उसे ओड़गी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहाँ डाक्टर विजय शरण सिंह जख्म का परीक्षण कर टांका लगा दिया. जिससे वह राड अंदर फंस गया. करीब 15 दिन तक बच्ची को दर्द की दवा और मलहम इंजेक्शन यह कह कर देते रहे की जल्दी ठीक हो जाएगी।जबकि उस जगह पर सूजन होने के बाद भी डाक्टर देखना उचित नही समझा.
बच्ची की हालत बिगड़ने लगी तो चिंतित माता पिता उसे अम्बिकापुर लेकर गए और एक निजी क्लीनिक में एक्सरे कराया तो जांघ में राड ब्रेकशु फंसा देख उनके होश उड़ गए।जिसे तत्काल मेडिकल कालेज ले जाया गया जहाँ चार दिनों तक इलाज कर जांघ से राड निकाला गया तब कहीं जाकर बच्ची की जान बची. मेडिकल कालेज के डाक्टरो के अनुसार अगर शीघ्र ध्यान नही दिया जाता तो बच्ची की जान बचाने पैर काटना पड़ सकता था। डाक्टरो ने ओड़गी में इलाज करने वाले डॉक्टर के समझ पर हैरानी जताई है। बच्ची के परिजनों ने आज इसकी शिकायत कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक सहित सीएमएचओ से करते हुए लापरवाह डाक्टर व जिम्मेदार पर कार्रवाई की मांग लेकर पहुचे. कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर पूरी बात बताने पर लापरवाह डॉक्टर विजय शरण सिंह को फौरन बुलाया गया जहाँ पर फटकार लगाते हुए CMHO को नोटिस जारी कर कार्यवाही करने का आदेश दिया. कलेक्टर ने आर्थिक मदद देने की पेशकश की लेकिन बच्ची की माँ ने इसे ठुकराते हुए डॉक्टर पर कार्यवाही की बात की..बच्ची मा सुनीता ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी डॉक्टर सहित जनप्रतिनिधि को दिए जाने पर उसे धमकी देकर मुह चुप रहने की नसीहत दी गई. उन्होंने बताया आज मेरी बेटी की इलाज में जिस तरह लापरवाही हुई वह दूसरे अन्य के साथ न हो..इसलिए ऐसे लापरवाह डॉक्टर स्टाफ पर अपराध दर्ज कर उचित कार्यवाही करने की गुहार लगाई है. बताया जाता है कि यहां पदस्थ कर्मचारी डियुटी के दौरान नशे में रहते है।ऐसे हालत कई बार सामने आई है पर ठोस कार्रवाई न होने से ऐसे लोगो के हौसले बुलंद है और इस तरह मरीजो के जान से खिलवाड़ कर रहे है।
लगाई गई है फटकार…….
शिकायत पर डॉक्टर को बुलाकर फटकार लगाई गई है। साथ ही उनके खिलाफ नोटिस जारी किया जा रहा है।कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी-आर एस सिंह,CMHO
डॉ आर एस सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सूरजपुर

लेकिन सोचने का विषय है की सीएमएचओ साहब के कार्यकाल में हमेशा ऐसी बड़ी बड़ी घटनाएं सुनने को मिलती रहती है लेकिन कार्यवाही के नाम पर सियाय लिपापोती के आज तक कुछ नहीं हुआ है ,अपने भरोशे को कायम रखते हुए साहब फिर से वही करेंगे जो हमेशा से करते आए हैं या फिर इस बार आरोपी डॉक्टर पर कुछ कार्यवाही होगी यह देखने का विषय है।

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