सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर सिरसी पुलिस के द्वारा आए दिन नशे के विरुद्ध कार्यवाही करने और रोकथाम के लिए जाना जाता है,लेकिन यहां कुछ ऐसे पुलिस वाले हैं जो अपने स्वार्थ के लिए कुछ नशे के सौदागरों को खुली छूट दे रहे हैं और उन्हें पकड़ने के बाद भी छोड़ दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक सिरसी निवासी प्रेम ठाकुर अपने एक सहयोगी के साथ अपने गांव में नशे का सामान बेचने के उद्देश्य से बिहारपुर की ओर से लेकर अपने गांव में आ रहा था तभी उसे ओडगी थाना प्रभारी के द्वारा माल के साथ में पकड़ लिया गया जिसके बाद उसके सामान की जांच करने पर स्पाइसमो टेबलेट और कोरेक्स सिरप मिला जिसके बाद थाना प्रभारी फरदीनंद ने प्रेम ठाकुर का फोटो माल के साथ खींचा और उससे आगे कानून से हट कर कार्यवाही करने लगे जिसे व्यक्तिगत न्याय प्रणाली कहा जा सकता है। इसके बाद आगे प्रेम ठाकुर बताता है कि थाना प्रभारी फरदीनंद ने उससे मुख्य तस्कर का नाम पूछा और उससे पैसे को डिमांड की जिसकी पूर्ति करने के बाद फरदीनंद ने उसे उसको भी पकड़ने में सहायता करने के लिए राजी किया बाद में प्रेम ठाकुर से पैसे और नशे के सामान के साथ उसका फोटो लेकर उसे छोड़ दिया। अपनी जान बनाकर जैसे तैसे आए सिरसी निवासी प्रेम ठाकुर ने अपनी आप बीती हमे बताई ।आगे प्रेम ठाकुर ने बताया कि वह इन सब से डर कर अम्बिकापुर में कुछ दिन छुप कर रहा। प्रेम ठाकुर को पुलिस का इस प्रकार से संरक्षण देना और बड़े मुर्गे से जेब भरने की प्लानिंग करना कहां तक सही है यह तो वो पुलिस वाले ही बता सकते हैं जिन्होंने प्रेम ठाकुर को इतना संरक्षण दे रखा हुआ है। जब हमने इस बारे में ओडगी थाना प्रभारी से जानकारी ली तो उनके द्वारा इस बात से साफ मना कर दिया गया लेकिन प्रेम ठाकुर को यह चेताया गया कि मामला न्यूज में आया तो वे उसे बचा नहीं पाएंगे। अब जब पुलिस और नशेड़ी एक हो जाएं तो फिर नशा मुक्ति अभियान का क्या होगा यह विचारणीय विषय है। Post navigation जब जमीन त्र्यंबक गुप्ता के नाम पर तो क्यों आया इस घोटाले में संजय गुप्ता का नाम, जानें पर्दे के पीछे की अनसुनी कहानी क्या भूमाफियाओं की संगति में शामिल अधिकारी भी दलाल हो गए हैं..? नहीं तो 5 भाइयों की जमीन एक के साइन से कैसे बिकी…?