सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र बलरामपुर में आज कल वाड्रफनगर और सेमरसोत के जंगलों के माध्यम से गौ माता की तस्करी चरम पर है,ये कोई एक दिन की बात नहीं है अपितु प्रतिदिन ऐसा आपको सेमरसोत के जंगलों में खुलेआम तस्कर गौ वंश की तस्करी करते आपको दिख जाएंगे,लेकिन इसकी नजर जिम्मेदारों पर कैसे नहीं पड़ती यह समझ से परे हैं। आए दिन इन तस्करी में गाय,बैल,भैंस,भैंसा सभी आपको दिख जाएंगे लेकिन तस्करों को रोकने वाला कोई नहीं हैं और यदि कोई रोकने का साहस करता है तो उसके विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया जाता है या उसकी लाश किसी जगह संदिग्ध अवस्था में मिलती है।(पूर्व की घटनाओं के आधार पर) हमे एक सूत्र ने स्वयं जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में गौ तस्करी में नाम आ चुके आरक्षक अंकित जायसवाल जो कि वाड्रफनगर के एक दरोगा के साथ मिलकर तस्करों से प्रति लॉट में निर्धारित शुल्क लेकर गौ तस्करी को हरि झंडी दे रहे हैं,जबकि अंकित जायसवाल की पोस्टिंग अभी वाड्रफनगर में है भी नहीं बाबजूद वह इस घटना को अंजाम दे रहा है। आपके बता दें कि पूर्व में एक गौ तस्कर के द्वारा पकड़े जाने पर गौ रक्षकों को अंकित जायसवाल को तस्करी के बदले पैसे देने की बात भी स्वीकारी गई थी। सूत्र ने आगे बताया कि वाड्रफनगर क्षेत्र का एक कुशवाहा जो इस तस्करी का मुख्य सूत्रधार है वहीं इस तस्करी में मुख्य रूप से करता धरता है,और उसके द्वारा पुलिस को प्रति चक्कर के हिसाब से पुलिस को पैसा देकर इस तस्करी को पूरा किया जा रहा है। हालांकि यह विशेष सूत्र अपने नाम को उजागर ना करने की शर्त पर यह जानकारी दे रहा है और आगे सूत्र से मिलने वाली जानकारी के आधार पर और भी स्पष्ट और जो साक्ष्य सूत्र द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे उन्हें समाचार के माध्यम से उजागर किया जाएगा । Post navigation क्या भूमाफियाओं की संगति में शामिल अधिकारी भी दलाल हो गए हैं..? नहीं तो 5 भाइयों की जमीन एक के साइन से कैसे बिकी…? क्या लापरवाह कर्मचारियों को रास नहीं आ रहा बीएमओ का ईमानदार रवैया..?