सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत और अनूठी आस्था के प्रतीक रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों ने रविवार, 27 सितंबर को नया रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से आत्मीय मुलाकात की।इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रामनामी समुदाय की आस्था, परंपरा और जीवनशैली पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री’ का प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर पूरे समुदाय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षणमुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामनामी समुदाय छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोक-सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह राष्ट्रीय सम्मान केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और रामनामी समाज की जीवंत विरासत का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से देशभर में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान मिली है।सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध सरकारमंत्री श्री अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्थानीय परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।सामुदायिक भागीदारी पर चर्चाबातचीत के दौरान मंत्री ने रामनामी समुदाय के सदस्यों से उनकी परंपराओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और समाज की विशिष्ट पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। वहीं, रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और छत्तीसगढ़ की संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए संस्कृति मंत्री का आभार जताया। Post navigation 9 माह की गर्भवती और अजन्मे मासूम की संदिग्ध मौत: ‘1 हाथ से फंदा खोला, दूसरे से उठाया’— पति की थ्योरी पर उठे गंभीर सवाल, मायके वालों ने दहेज, हत्या का लगाया आरोप