स्वामी आत्मानंद स्कूल व अन्य निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता का मामला; न्यायालय के आदेश पर मणिपुर थाने में गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र अम्बिकापुर / सरगुजा: जिले में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ पिछले तीन दशकों से लगातार संघर्षरत जाने-माने और प्रतिष्ठित समाजसेवक अभय नारायण पांडेय (पिता- स्व. आदित्य नारायण पांडेय, निवासी- संजय पार्क के सामने, अंबिकापुर) की कानूनी एवं जनहित की लड़ाई एक बड़ा मुकाम हासिल कर चुकी है। माननीय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर ( गुलापन राम यादव) के सख्त आदेश और न्यायालयीन निगरानी के बाद थाना मणिपुर में डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) मद की राशि में करोड़ों के हेरफेर मामले में 9 मुख्य जिम्मेदारों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) दर्ज कर ली गई है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, मामला सरगुजा जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय केशवपुर एवं अन्य विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये की शासकीय राशि के बड़े पैमाने पर वित्तीय गबन और बंदरबांट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता समाजसेवक अभय नारायण पांडेय द्वारा प्रस्तुत परिवाद और साक्ष्यों के आधार पर यह खुलासा हुआ कि किस प्रकार तत्कालीन अधिकारियों और चुनिंदा निर्माण एजेंसियों ने मिलीभगत कर बिना किसी नियम-प्रक्रिया, निविदा या वैध बिल-वाउचर्स के मनमाने तरीके से राशियों का आहरण और आपसी बंटवारा किया। मामले की गहराई से जांच करने पर यह बात सामने आई कि कागजी औपचारिकताएं पूरी कर और उच्चाधिकारियों तथा जांच समिति के स्तर पर भी तथ्यों को तोड़-मरोड़कर इस बड़े घोटाले को छिपाने का प्रयास किया गया था। कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश और धाराओं का शिकंजा: मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने धारा 175(3) बी.एन.एस.एस. के तहत परिवाद पर संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी मणिपुर को त्वरित एफ.आई.आर. दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में थाना मणिपुर द्वारा नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की सुसंगत एवं गंभीर धाराओं धारा 34, 120बी, 210, 409, 420, 467, 468 एवं 471 भा.द.सं. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इन पर दर्ज हुई एफ.आई.आर. व जांच के दायरे में शामिल नाम: न्यायालयीन आदेश के परिपालन में जिन व्यक्तियों/अधिकारियों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: सुरेश्वर नाथ तिवारी (तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अंबिकापुर) विवेक प्रताप सिंह राठौर (इंजीनियर, जनपद पंचायत अंबिकापुर) उपेन्द्र सिंह सेंगर (उप अभियंता, जनपद पंचायत अंबिकापुर) शैलेन्द्र मिश्रा (सहायक ग्रेड, तत्कालीन लिपिक) राम प्रकाश यादव (तत्कालीन सचिव, ग्राम पंचायत केशवपुर) इम्तान् सिंह (तत्कालीन सरपंच, ग्राम पंचायत केशवपुर) सुयस अग्रवाल अरविंद कुमार अग्रवाल (मेसर्स अनन्या कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स) मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स इंजीनियर (गांधी चौक, अंबिकापुर) समाजसेवक की इस जीत पर क्षेत्र में चर्चा: भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबी कानूनी और तथ्यात्मक लड़ाई लड़ने वाले समाजसेवक अभय नारायण पांडेय के इस साहसिक कदम से प्रशासनिक गलियारों और अंचल में हड़कंप मच गया है। क्षेत्रीय जनता और प्रबुद्ध नागरिकों ने इसे सच्चाई और न्याय की एक बड़ी जीत बताया है। न्यायालय के इस कड़े रुख से भ्रष्ट तंत्र में जुड़े तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है, और अब पुलिस विवेचना के बाद आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। Post navigation नाम भगवान का काम शैतान का, मृतक आशुतोष दास को आज मिला न्याय, महावीर हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित