सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत केशवनगर, लकड़ा पारा से सत्ता के दुरुपयोग और दबंगई का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि उपसरपंच दिनेश सोनी द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए लगातार अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, और इन मामलों को उजागर करने पर पत्रकार व उनके परिजनों को धमकियां दी जा रही हैं।बताया जाता है कि पूर्व में उपसरपंच दिनेश सोनी एवं सरपंच द्वारा लकड़ा पारा क्षेत्र में स्कूल के पास स्थित सरकारी भूमि पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के जेसीबी के माध्यम से कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस दौरान संतोष सोनी के रास्ते को अवरुद्ध कर उनके निजी मकान में लगे पेड़ों को भी उखाड़ फेंका गया। इस पूरे मामले को लेकर अपन जिला सूरजपुर के संवाददाता आकाश सिंह ने खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद उपसरपंच दिनेश सोनी द्वारा पत्रकार आकाश सिंह के घर के पास जाकर उनके परिजनों को धमकी दी गई। आरोप है कि कहा गया—“गलत आदमी से पंगा ले लिए हो, आगे अब देखिए, तुम लोगों का जीना मुश्किल कर दूंगा।”स्थानीय सूत्रों के अनुसार उपसरपंच दिनेश सोनी का अपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है, जिनके खिलाफ थाना बिश्रामपुर में चोरी एवं मारपीट के कई मामले पूर्व से दर्ज बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दो वर्ष पूर्व उपसरपंच बनने के बाद से पूरे पंचायत क्षेत्र में उनकी दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। पूर्व में भी लकड़ा पारा केशवनगर में एक बुजुर्ग दंपत्ति की जमीन पर कब्जा कर उसे बेचने को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।वहीं एक अन्य गंभीर आरोप उपसरपंच के भाई दशरथ सोनी पर भी लगा है। बताया गया है कि उन्होंने पत्रकार आकाश सिंह के घर के बगल में स्थित सरकारी पंचायती नहानी कक्ष को तोड़कर अवैध सीढ़ी का निर्माण कर लिया। इसके साथ ही पंचायत द्वारा आम नागरिकों के उपयोग हेतु लगाए गए हैंडपंप में निजी सबमर्सिबल मोटर लगाकर घरेलू उपयोग किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को पानी और नहाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।आरोप है कि जब इस संबंध में पत्रकार आकाश सिंह के पिता ने आपत्ति जताई, तो दशरथ सोनी के बेटे और उपसरपंच दिनेश सोनी ने पत्रकार की गैरमौजूदगी में ईंट उठाकर जान से मारने की धमकी दी।अब सवाल यह है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा, पत्रकारों को धमकाने और ग्रामीणों की सुविधाएं छीनने जैसे गंभीर मामलों में शासन-प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, यह देखने वाली बात होगी। Post navigation क्या पैसों की लालच में पटवारी संतोष भनिया ने बेच डाला अपना ईमान?5 बच्चों के पिता को राजस्व रिकॉर्ड में बताया ‘निःसंतान’ राजस्व रिकॉर्ड में खुला घोटाला, फिर भी चुप्पी!5 बच्चों के पिता को ‘निःसंतान’ बताने वाले पटवारी पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं